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14th Biennial International Conference SPG 2023

तेल एवं गैस के अन्वेषण एवं पतले आगार के गुण वर्तन में वर्णक्रमीय अपघटन का महत्व

Published in GEOHORIZONS - 2023

  • Vol. Vol.29 No.2, Page 1
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हरीलाल (सेवा निवृत) देहरादून

Abstract


वणIJमीय अपघटन (WेXY ल िडकं पोिजसन) भूकं पीय (सेसिमक) डेटा के िव\ेषण की एक मह]पूणI तकनीक है। इसके aयोग से भूकं पीय डेटा मb िनिहत cरकीय आकृ ितयों (eYेटीfािफक फीचसI) का ]iरत िचjण एवं उनके िवशेष लाlिणक गुणों (उदाहरणाथI: nािमत, मोटाई, lेj-िवcार, lेjफल आिद ) का आकलन कर सकते हo । ये िवशेष गुण हाइडY ोकाबIन की संभावना (aाWेX)को aितिबंिबत करने एवं आगार (iरजरवायर) के िवशेष मापदqों के आकलन मb सहायक होते हo। यह aिJया भूकं पीय तरंगों मb पतली परतों के शीषI एवं तल सतहों से परावितIत तरंिगकाओं के समVरण (rूिनंग) aभाव पर आधाiरत है। इस के िलए भूकं पीय डेटा को िविभt िविधयों uारा समयकायIlेj (टाइम डोमेन) से आवृि2-कायIlेj मे पiरवितIत करके संViरत घन (rूिनंग vूब) उwt िकया जाता है। आवृि2-कायIlेj मb परावतIन के आयाम (अंxीचूड) को अलग-अलग आवृि2 पर देख सकते हo। अिधकतम आयाम से संबz आवृि2 को संViरत आवृि2 (rूिनंग ि{|े }ी) कहते हo। आयाम के िवcार से cरकीय आकृ ित एवं संViरत आवृि2 से परत की मोटाई का आकलन कर सकते हo।

Keywords


वणIJमीय अपघटन, पतली परत, िवशेष गुण, भूकं पीय तरंिगका, समVरण

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