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15th Biennial International Conference SPG 2025

सस्पेक्ट्रल डीकंपोज़ीशन और मल्टी-एट्रीब्यूट रिग्रेशन विश्लेषण द्वारा कृष्णा-गोदावरी बेसिन में गैस हाइड्रेट आकार का वर्णन: एक केस अध्ययन

Published in GEOHORIZONS - 2025

यू. एस. यादव, कुमार विवेक, मायाधर सिंह, ए एंड ए ए बेसिन, जोरहाट, असम

Abstract


ैि हाइड्रेट प्राकृ वतक गैि (मुख्यतः मीथेन) और जल अणुओं िे बने बर्ण जैिे क्रिस्टलीय ठोि यौवगक होते हैं। इन्हें भविष्य के ऊजाण स्रोत के रूप में महत्िपूणण माना जा रहा है। गैि हाइड्रेट विशेष तापमान-दाब पट्ररवस्थवतयों (उच्च दबाि और वनम्न तापमान) में पाए जाते हैं, जो िामान्यतः परमाफ़्रॉस्ट क्षेत्रों और िमुद्री महाद्वीपीय ढलानों में उपलब्ध होते हैं।गैि हाइड्रेट िे गैि की मात्रा का अनुमान लगाने के वलए, उनके वितरण और िंतृवि का आंकलन क्रकया जाना आिश्यक है। अवधकतर मामलों में, गैि हाइड्रेट की उपवस्थवत विवस्मक िंके तों जैिे बॉटम विम्युलेटटंग ट्ररफ्लेक्ट्टर (Bottom Simulating Reflector i.e BSR -बीएिआर) और उच्च आयाम प्रवतबबंबों द्वारा पहचानी जाती है। हालांक्रक, यह िंके त तभी प्रभािी होते हैं जब िे विवस्मक छवियों में स्पष्ट रूप िे क्रदखाई दें। इि अध्ययन में, हम स्पेक्ट्रल डीकं पोजीशन और मल्टी-अट्ररब्यूट ट्ररग्रेशन विश्लेषण का उपयोग कर के जी बेविन में गैि हाइड्रेट जलाशयों की गुणित्ता और मात्रा का पूिाणनुमान लगाते हैं। हम लॉग और विवस्मक डेटा को िंयोवजत करके पोरोविटी और गैि हाइड्रेट िंतृवि का स्थावनक विश्लेषण करते हैं।

Keywords


यू. एि. यादि, कु मार वििेक, मायाधर िाह

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